बेचारा सच

आज की दुनिया में बेचारा सच बड़ा कमजोर पड़ गया है,
सबूत के बिना खोखला पड़ गया है,
और लोगो तक सच्चाई पहुँचानी पड़े तो झूठ और फरेब का सहारा लेना पड़ता है | 

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